Monday, August 24, 2015

श्री गिरधर गोपाल गौशाला वचनामृत !
सावधान यह आपके साथ भी घट सकता है ! आपके दुःख के समय ही ऐसे शातिर लोगो की पहचान होती है जो स्वार्थ बस आपसे या आपके संगठन से जुड़ जाते है। और जब आपका संगठन या आप मुसीबत में हो तो ऐसे लोग अनेक बहाने बनाते हुए छुपते फिरते है। आप भले ही दुनिया को या अपनी भलमानस से उनके बारे में कुछ न कहें पर आपकी अंतर-आत्मा आपको ऐसे लोगो से सावधान करते हुए कहती है इस ठग से बच ----  ''नयालसनातनी''