Friday, October 24, 2014

सनातनी विचार !
नमों-नमों कामधेनु सुख करनी, नमों-नमों शुरभि दुःख हरनी।
साकार है धरा में गौ रूप तुम्हारी,तिहों लोक में फैली है कीर्ति न्यारी।।
मस्तक पर सदा ब्रह्माजी विराजे , मुख में चारों वेदों है साजे।
सूर्य-चन्द्र आखों रहते,दांतों में गरुड, जिह्वा में सरस्वती विराजे।।
ललाट में रुद्र, सीगोंके में इंद्र ,भगवान शंकर और विष्णु रहत है ।
कानों में अश्विनीकुमार, उदर भाग में भगवान कार्तिकेय बसत है।।
अपान [गुदा] में सारे तीर्थ, मूत्र-स्थान में गंगाजी निवासे है ।
रोमकूपोंमें ऋषिगण, पृष्ठभाग में मृत्यु के देवता यमराज साजे।।
दक्षिण पा‌र्श्व में वरुण -कुबेर, वाम पा‌र्श्व में महाबली यक्ष विराजे ।
मुख के भीतर गंधर्व, नासिका के अग्रभाग में सर्प-राज विराजे।।
खुरों के पिछले भाग में अप्सराएं स्थित हैं, गाय के गोबर में लक्ष्मी रहती है।
गोमूत्र में गंग भवानी, चरणों के अग्रभाग में आकाशचारी देवता रहत है ।।
रंभानेकी आवाज में प्रजापति और थनों में समुद्र प्रतिष्ठित हैं।
मनुष्य प्रात:स्नान करके, गौ स्पर्श करते सब पापों से मुक्त हो जाते ।।
ऐसी सर्वदेवमयी, ममतामयी देवो की पुजती गौ माता है हमारी।
7 नवम्बर गौभक्त शहीद दिवस पर,गौ भक्तो गौ-मैराथन दौड़ है तुम्हारी।।
जीवन भर कमाया-फुका क्या साथ जायेगा,गौ-हित दौडोगे तो अंत समय काम आएगा।
ऋषि-मुनि,बोले असली कमाई कर लो,एक दौड़ गौ-माता के हित बैतरणी पर काम आएगा।

निवेदन सत्य के साथ आने की अपील !
सभी गौ-भक्त, संत, गौ-प्रेमी, गौ-प्रचारक,सनातन धर्म प्रचारक, देश-विदेश में रहते हुए भी इस पवित्र माटी,भारत भूमि का हित चाहने वाले भारत वंशी , नेता-अभिनेता, सद ग्रन्थ-कार, कवि-साहित्यकार, कलाकार, व्यापर-कार ,व्यास पीठ पर बैठने वाले विद्द्वान,गौवंश के हित में लगे महान सेवक गण, अगर सच में आप में गौ-माता के उसके गौवंश के प्रति थोडा भी ह्रदय के किसी कोने में ममता बची है, तो इस अनोखे मुहीम ( एक दौड़ गौ-माता के लिए गौ-मैराथन यह एक सकारात्मक दौड़ है गौ-वंश के हित में इसमें किसी का विरोध नहीं बल्किन सब में उर्जा का संचार है ) से जुड़ों क्योकि गौवंश दिन पर दिन ख़त्म किया जा रहा है। हम दावे के साथ कहते है जिस दिन इस धरा-धाम से आखिरी गौवंश ख़त्म आप और हम सब भी ख़त्म हो जायेंगे। हमारे भी वंश ख़त्म हो जायेगा। क्योकि इस प्रथ्बी को अपने सींगों पर धारण करके जो गाय है वह सब कुछ नष्ट कर देगी, धर्म को धारण किये जो बैल है वह बिपरीत हो सब संसार को जलमहि कर देगा। तब सारा संसार जल में बिलीन हो जायेगा तब कोसते रहना अपने विपरीत वर्ताव को और अपने धन कमाने के लालच को जो एक दिन गौमाता के हक़ में दौड़ भी नहीं पाया। नौकरी और व्यापर ही याद आया।
''नयाल सनातनी'' गौ-चरणों का दास,संस्थापक अध्यक्ष ;- सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार

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