सनातनी विचार !
प्रायः पतिव्रता स्त्री के लिए सौत के व्यवहारादि से उत्पन्न होने वाला दुःख वैधव्य ( विधवा होने ) से भी बढ़कर होता।
''नयाल सनातनी''
प्रायः पतिव्रता स्त्री के लिए सौत के व्यवहारादि से उत्पन्न होने वाला दुःख वैधव्य ( विधवा होने ) से भी बढ़कर होता।
''नयाल सनातनी''
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