मूल सनातन धर्म की सनातन काल से चली आ रही एक रस ( होली के रंग में ऐसे रंगो की बड़ा-छोटा, ऊचा -नीचे, अपना पराया सब समान ) होने की परम्परा ''होली'' की सभी देशवासियों को ''सर्वदलीय गौरक्षा मंच'' श्री गिरधर गोपाल गौशाला समिति की ओर से अनन्त-अनन्त शुभ कमाना पहुचे।
सावधान !
कही दिखावे वाले प्यार की होली, कही नफरत की होली। कही साजिस की होली,कही सियासित की होली।
सनातनियों को तो चाहियें प्यारों एकता और गौ-सेवा के रंगों में मालामाल होली ,
''नयाल सनातनी''
सावधान !
कही दिखावे वाले प्यार की होली, कही नफरत की होली। कही साजिस की होली,कही सियासित की होली।
सनातनियों को तो चाहियें प्यारों एकता और गौ-सेवा के रंगों में मालामाल होली ,
''नयाल सनातनी''
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