श्री गिरधर गोपाल गौशाला
वचनामृत !
यह है आदर्श बड़ा भाई :-- जब
भरत सेना लिए चित्रकूट पर्वत की तलहट्टी में आगये यह समाचार लक्षमण से श्रीराम ने
सुना तब राम लक्षमण से कहते है ---
लक्ष्मण ! मैं सत्य और आयुध
की शपथ लेकर कहता हूँ कि मैं धर्म, अर्थ, काम तथा सम्पूर्ण पृथ्वी – सब कुछ
तुम्हीं लोगो ( भाइयों ) के लिए चाहता हूँ .
लक्ष्मण ! मैं भाइयों की
योग्य- सामग्री और उनके सुख के लिए ही राज्य भी चाहता हूँ. भरत को, तुमको और
शत्रुघ्न को छोड़कर यदि मुझे कोई सुख मिलता हो तो उसमें आग लग जाय . वह जलकर भस्म
हो जाए .यह था एक भाई का प्रेम क्या आज भी ऐसा भाई प्रेम दिखता है अगर हाँ तो
हमारा आदर्श बड़ा भाई राम आज भी इस भारत वर्ष में है समझ लीजिये .
!! श्री गिरधर गोपाल गौशाला समिति, देवभूमि,
उत्तराखण्ड !!
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