श्री गिरधर गोपाल गौशाला वचनामृत !
यमराज कहते है ! जो पुरुष अपने वर्णधर्म से
विचलित नहीं होता, अपने सुहृदय और विपक्षियों में समान भाव रखता है, किसी का धन
हरण नहीं करता, न किसी जीव को कष्ट ही पहुचता है, उस अत्यंत रागादिशून्य और निर्मल
मन व्यक्तिको भगवान नारायण का भक्त जानो और उसको प्रणाम करने का फल भी नारायण के
प्रणाम के फल सामान ही जानो ------ विष्णु पुराण से .
!! श्री गिरधर गोपाल गौशाला
समिति देव भूमि उत्तराखण्ड !!
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