Tuesday, August 30, 2016

सनातनी विचार !
ज्ञान मुफ्त मिला है प्रभु कृपा से तो मुफ्त बाटों !
संतों का काम है बिना एक कौड़ी लिए विश्व के सभी ''सनातनियों'' को सच्चाई की राह दिखाना और साफ-सुथरे आईने का काम है कितना भी बड़ा व्यक्ति या संत तो उसे उसके मुहँ के दाग दिखाना ! विद्द्वान कहते है इनमे से जो अपने सच्चे कर्म से विचलित हुआ उसको संसारी लोग बाजु रख देते है ! .
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''नयाल सनातनी''

Friday, August 26, 2016

सनातनी विचार !
सडयंत्र कर किसी ने आपको गलत उद्देश्य से बदनाम कर दिया या किसी बदनामी में फंसा दिया है । तो आप भी उसी तरह सडयंत्र न करें,धीरज रखें । परमात्मा सब देख रहा है, आपकी पीड़ा से अधिक बड़ी पीड़ा सडयंत्रकारी को होने वाली है । यह पृकृति का नियम है,गेहू बोकर वह गेहू ही देता है धन -धान नहीं ! -----
उसके यहाँ देर तो है पर अंधेर नहीं ।
" नयाल सनातनी"
सनातनी विचार !
मेरी मृत्य कल-परषों कभी भी हो सकती है ! यह बात ह्रदय में स्वीकार करने वाला जीव व्यर्थ - अनर्थ कार्यों से बचकर सावधानी के साथ भगवान का स्मरण करते हुए भगवत्सेवा के भाव से भर जाता है । कल मारना ही है तो आज पाप सर पर रखके क्यों ले जाओं ? यह भाव प्रबल हो जाता है ।
अतः मनुष्य मात्र को मृत्य को सदा समीप समझना चाहिए ।
"नयाल सनातनी"
सनातनी विचार !
चाह मिटी चिंता गई , मनुवा बेपरवाह ।
जाको कुछ न चाहिये, सोई सहंशाह ।।
ह्रदयहीन हुए बिना , बेईमान हुए बिना , अपना मूल्य घटाये बिना और पराधीन हुए बिना कोई भी मनुष्य सांसारिक सुख नहीं भोग सकता ! पर यह भी सत्य है कि परालौकिक-आध्यत्मिक सुख भोगने की इच्छा वाले व्यक्ति को इन सब की जरूरत ही नहीं पड़ती है ।
"नयाल सनातनी"

Monday, August 22, 2016

सनातन सत्य !
कुत्ता, मुर्गा, शमशान में चांडाल, गधा और ऊँठ इनको छु-जाने पर बिना स्नान किये सीधे कभी मन्दिर नहीं जाना चाहिए ।
हाँ रास्ते में गौवंश मिले तो अहंकार शून्य होकर जरूर छूना और प्रणाम करना चाहिए ताकि आपको देव-दर्शन का पूरा फल मिल सके !
"नयाल सनातनी"
सनातनी विचार !
गायों और पेड़ो का है एक दूसरे से जन्मों का नाता । पेड़ होंगे धरा पर तभी खुशहाली से जी पाएगी हमारी गौमाता ।।
"नयाल सनातनी"
सनातनी विचार !
श्रम से थके हुए व्यक्ति को आराम देना, रोगी व्यक्ति की सेवा करना, देवताओं का पूजन करना, वैदिक-विद्द्वान ब्राह्मण के पैर धोना तथा जूठन साफ करना ये कार्य गौदान के सामान पुण्यप्रद हैं ---
''नयाल सनातनी''
सनातनी विचार !
अन्याय से उपार्जित धन के द्वारा जो पुण्यकर्म किया जाता है, उसका परलोक में कोई फल नहीं मिलता --
''नयाल सनातनी''
सनातनी विचार !
 जो मनुष्य अकारण इधर-उधर थूकता रहता है, पान-तम्बाकू-गुटका खाकर पीक सार्वजानिक स्थानों पर करता है . उसको अगले जन्म में शुकर होकर मानव जाति का थूका और मल खाना पड़ता है ---
   ''नयाल सनातनी''

Thursday, August 11, 2016

सनातनी विचार !
गौ-कृपा की पहली शर्त आप की विनम्रता एवम भेद - भाव रहित आचरण ---
सनातनी विचार !
गौ-कृपा की पहली शर्त आप की विनम्रता एवम भेद - भाव रहित आचरण ---
                         ''नयाल सनातनी''