सनातनी विचार !
जब भी समय मिले घर पर या गौशालाओं में सेवा जरूर दें। वैसे संतो का कहना है इस भव - सागर में आये जीवो के पास माया के जाल में फसे होने के कारण समय ही नहीं है । पर नारायण के भक्तों को परलोक की शुध होती है। वे 33 करोड देवी - देवताओं के आश्रय स्थल के श्रीचरणों में निवास का कुछ समय निकल ही लेते है। ''नयाल सनातनी''
जब भी समय मिले घर पर या गौशालाओं में सेवा जरूर दें। वैसे संतो का कहना है इस भव - सागर में आये जीवो के पास माया के जाल में फसे होने के कारण समय ही नहीं है । पर नारायण के भक्तों को परलोक की शुध होती है। वे 33 करोड देवी - देवताओं के आश्रय स्थल के श्रीचरणों में निवास का कुछ समय निकल ही लेते है। ''नयाल सनातनी''
No comments:
Post a Comment