Saturday, February 8, 2014

सनातनी विचार !
''हिन्दू सनातन धर्म'' छोड़ने पर अगर मुझे इन्द्रपद भी मिलता है तो मैं इंद्र पद को भी ठोकर मारकर उस स्वयम्भू ''सनातन वैदिक धर्म'' की पूजा- अर्चना गरीबी में करके प्रसन्न रहूगा। जिसने राम,कृष्ण और गौमाता को भी जन्म दिया ...जय हिन्दू राष्ट्र .
(लेकिन कुछ स्वार्थी लोग मामूली सा मंत्री पद पाने के लिए धर्म ही बदल रहे है धिक्कार उनके जीवन पर )


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