सनातनी विचार !
गो माता भारत ही नहीं पूरे विश्व की भी आत्मा हैं। गो पर प्रहार मानवता पर कलंक है। गो, वेद, गायत्री व ब्राह्माण की अवहेलना कुल का नाश करना है। गाय परम पवित्र व स्वर्ण की सोपान होती है। तभी योगीराज भगवान श्री कृष्ण जैसे महापुरुषों ने गोसेवा की। गाय की अर्चना करना पुण्य का काम है। कोई भी मनुष्य गाय की सुरक्षा के विरोध में नहीं खड़ा हो सकता है। गोहत्या की बात तो दूर रही उसे मारना, भूखी रखना, जहर देना, नशा देना व कठोरता से हाकना भी शास्त्रों में निषेध है।''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार''
गो माता भारत ही नहीं पूरे विश्व की भी आत्मा हैं। गो पर प्रहार मानवता पर कलंक है। गो, वेद, गायत्री व ब्राह्माण की अवहेलना कुल का नाश करना है। गाय परम पवित्र व स्वर्ण की सोपान होती है। तभी योगीराज भगवान श्री कृष्ण जैसे महापुरुषों ने गोसेवा की। गाय की अर्चना करना पुण्य का काम है। कोई भी मनुष्य गाय की सुरक्षा के विरोध में नहीं खड़ा हो सकता है। गोहत्या की बात तो दूर रही उसे मारना, भूखी रखना, जहर देना, नशा देना व कठोरता से हाकना भी शास्त्रों में निषेध है।''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार''
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