Tuesday, November 18, 2014

सनातनी विचार !
सत्य का सूर्य सदा के लिए अस्त नहीं हो सकता। उल्लू, चमगादड़ों, ठगों और कालनेमियों को प्रसन्न करने वाली निशा का आखिर अंत होता ही है।
देखो-देखो अब वह युग, वह पवित्र समय निकट आ गया है, जब सच्चाई प्रकट होगी और उसके प्रकाश में सब भारत की धर्म प्राण जनता- जनार्दन वास्तविकता का दर्शन कर सकेंगे। बस थोडा धीरज और !
सावधान जनक-पुर के धनुष यज्ञं में अब श्री राम धनुष तोड़ असली और नकली का भेद खोलने ही वाले है । क्यकी उनके साथ सचाई विश्वामित्र और वशिष्ठ महामुनि दोनों ही है .
''नयाल सनातनी'' राष्ट्रिय अध्यक्ष ;---- ''सर्वदलीय गौरक्षा मंच''

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