Saturday, January 17, 2015

सनातनी विचार !
कटु- कठोर, और झूठी, एवं निन्दक वाणी का उच्चारण ना करें, इससे अपने भी पराये हो सकते है !  मूल सनातन धर्म में व्यक्ति बड़ा नहीं उसका व्योहार बड़ा माना गया है। विनम्र व्योहार परायों को भी अपना बना लेता है। भगवान ''श्रीराम'' को बन गमन के वक्त लाखों सेवा भावी लोग मिले पर ''निषाद राज'' एवं ''केवट'' सदा अपने विनम व्योहार और समर्पण की भावना के कारण याद किये जाते रहंगे। 
                                 ''नयाल सनातनी''

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