सनातनी विचार !
वाह जी वाह एक तरफ रामायण के रचियता महर्षि बाल्मीकि जी की पूजा और धूम
धाम
से जन्म दिन मनाता है पूरा सनातन हिन्दू समाज क्योकि पूरा सनातन समाज ऋणी
है महर्षि बाल्मीकि के उन्होंने श्री राम का चरित्र संसार में सर्वप्रथम
प्रस्तुत किया। दूसरी तरफ हमारे श्री राम, श्री कृष्ण और उनके स्वामी शिव
-दुर्गा आदि मंदिरों में बाल्मीकि समाज के लोग पूजापाठ नहीं कर
सकते। यहाँ तक की भारत के एक बड़े भू-भाग के मुख्य मंत्री बाल्मीकि होने के
कारण मंदिर में प्रवेश पा तो जाते है, पर बाद में मंदिर का शुद्दिकरण किया
जाता है।
जो परमब्रह्म परमात्मा जीव मात्र के हर ह्रदय की धड़कन है वह उसके बन्दों के पूजा -पाठ से या छूने से अपवित्र कैसे हो सकता है ? ऐसे में अगर कुछ लोग अन्य मत में जाते है, या अन्य तथाकथित धर्म अपनाते है तो फिर घर वापसी ! क्या वापस आने के बाद उनके साथ अपनों सा व्योहार होगा ? कृपया सुनिश्चित करके ही घर वापसी की जाय क्योकि कल जब इनकी बेटा - बेटीयाँ अविवाहित रह जायेंगे तो एक नई और बड़ी समस्या इनके साथ आएगी इस समस्या के दोषी कोन होगा सुनिश्चित होना चाहिए !
''नयाल सनातनी''
वाह जी वाह एक तरफ रामायण के रचियता महर्षि बाल्मीकि जी की पूजा और धूम
जो परमब्रह्म परमात्मा जीव मात्र के हर ह्रदय की धड़कन है वह उसके बन्दों के पूजा -पाठ से या छूने से अपवित्र कैसे हो सकता है ? ऐसे में अगर कुछ लोग अन्य मत में जाते है, या अन्य तथाकथित धर्म अपनाते है तो फिर घर वापसी ! क्या वापस आने के बाद उनके साथ अपनों सा व्योहार होगा ? कृपया सुनिश्चित करके ही घर वापसी की जाय क्योकि कल जब इनकी बेटा - बेटीयाँ अविवाहित रह जायेंगे तो एक नई और बड़ी समस्या इनके साथ आएगी इस समस्या के दोषी कोन होगा सुनिश्चित होना चाहिए !
''नयाल सनातनी''
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