Wednesday, December 25, 2013

सनातनी विचार !
गौ माता को हरा चारे का दान सर्वशेष्ठ दान है .
तुलसी पक्षिन के पिये सरिता घटे ना नीर , दान किये धन ना घटे सदा सही रघुवीर ------------------------------------------------.
साधारण उदहारण --जिस प्रकार ऊपर छत में लगे पानी के टंकी में फुटबाल के माध्यम से जैसे ही एक बाल्टी पानी निकलते ही फुटबाल फिर एक बाल्टी पानी भरने तक अपना मुहं खोल देता है .उसी प्रकार शुद्द मन से सुपात्र को दिया गया दान जितना दिया गया है उतना ही, उससे ज्यादा ही फिर प्राप्त हो जाता है यह सनातन सत्य है इसमें संसय नहीं होना चाहिए . दान अपने से श्रेष्ठ को और दया अपने से निम्न को और दीन दुखियो को करनी चाहिए . अन्न दान के बारे में शास्त्र कहते है, की अन्न का दान किसी को भी और कही भी किया जा सकता है। इसमे पात्र - कुपात्र नहीं देखना चाहिए . अन्न दान करने से सदा कल्याण ही होता है  विद्या दान , भूमि दान , अन्न दान , कन्या दान ,गोदान ये अति श्रेष्ठ दानो में से है ..''नयाल सनातनी''

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