Saturday, July 19, 2014

सनातनी विचार ! 
देश जिनमें नजरे गढ़ायें रहता है !
 विद्द्वानो साथियों जब आशिकी की कविताओं से मन ताउम्र न भरे ! राजनीती और धर्म नीति पर व्यंग बाण से फुर्सत ही न रहे ! हास्य-व्यंग कवि सम्मेलनों में रातें बीत रही हो दिन सोने में चला जाय ! गौमाता, गौवंश जो देश की मूल अर्थ व्यवस्था की रीड की हड्डी हो सकती है विचार के लिए 5 मिनट का समय न हो ! गौवंश के बारे में एक लाइन लिखने को हाथ ना चले ! तो बताओं देश आगे कैसे बढे ???? देश आगे कैसे बढे ????????????? ''नयाल सनातनी'' सर्वदलीय गौरक्षा मंच

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