सनातनी विचार !
विद्ध्या की अधिष्ठात्री देवी जो माँ शारदे है वह कहती है विनम्रता से भगवन नाम स्मरण करते हुए किसी के मन में आघात पहुचाये बिना जो शब्द कलमकार के कलम से निकलते है वह मेरी कृपा है .
विद्ध्या की अधिष्ठात्री देवी जो माँ शारदे है वह कहती है विनम्रता से भगवन नाम स्मरण करते हुए किसी के मन में आघात पहुचाये बिना जो शब्द कलमकार के कलम से निकलते है वह मेरी कृपा है .
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