सनातनी विचार !
सावधान हर रोज लाखो आतंकी हो रहे है तैयार !!!!!
गौ-भक्त मित्रो ! क्या आपने कभी सुना है की गेहूँ बोये जाने पर कपास पैदा हुआ ? नहीं ना तो बताओं आतंक बोने से अहिंसक जीव कैसे पैदा होंगें ?
हर रोज हो रही लाखों गौवंश की निमर्म हत्या से जो मानव जन्म लेता है, वह आतंकी पैदा होता है। जैसे की महापुरुषों ने शास्त्रो के माध्यम से कहाँ है,और आप विद्द्वान गौप्रेमी सब जानते ही है। मानव से पहला जन्म गौवंश में ही मनुष्य का होता है। हमारे पूर्वज गौवंश यानि गौमाता ही है।
जब गौवंश आखरी वक्त में चारो पावों को बधा, उल्टा लटका, गला कटा हुआ, अपने ऊपर 300 डिग्री का खौलता गर्म पानी जैसा कैमिकल मिला तरल पदार्थ देखता है और हाय हाय की करुण पुकार करता है। उसपर भी कसाइयों द्वारा अभी जिन्दा गौवंश की खाल उतारी जाती है। तो वह सबसे पहले उसके पूजने वाले को ही बद दुवा देता है, फिर जैसा दृस्य वह उन अंतिम क्षणों में आतंकित होकर देखता है। अगले जन्म में वही क्रूर चेहरा लेकर पैदा होता है और फिर देश और दुनिया को ख़त्म करने की ही बात सोचता है और करता है। ज्यादातर जो लोग इस गौवंश का क़त्ल करते है उन्हीं संप्रदाय में ये गौवंश जन्म लेते है।
तब इनके लिए अपना परया कुछ नहीं होता जिस प्रकार प्रेत आत्मा अपने पराये का भेद नहीं करती अपने ही को पहले ख़त्म करती है उसी प्रकार ये आतंकी भी अपनों के लिए ही पहले गड्डा खोदते है क्योकि ये पूर्व जन्म का बदला लेते है। ''नयाल सनातनी'' राष्ट्रिय अध्यक्ष ;-- ''सर्वदलीय गौरक्षा मंच''
सावधान हर रोज लाखो आतंकी हो रहे है तैयार !!!!!
गौ-भक्त मित्रो ! क्या आपने कभी सुना है की गेहूँ बोये जाने पर कपास पैदा हुआ ? नहीं ना तो बताओं आतंक बोने से अहिंसक जीव कैसे पैदा होंगें ?
हर रोज हो रही लाखों गौवंश की निमर्म हत्या से जो मानव जन्म लेता है, वह आतंकी पैदा होता है। जैसे की महापुरुषों ने शास्त्रो के माध्यम से कहाँ है,और आप विद्द्वान गौप्रेमी सब जानते ही है। मानव से पहला जन्म गौवंश में ही मनुष्य का होता है। हमारे पूर्वज गौवंश यानि गौमाता ही है।
जब गौवंश आखरी वक्त में चारो पावों को बधा, उल्टा लटका, गला कटा हुआ, अपने ऊपर 300 डिग्री का खौलता गर्म पानी जैसा कैमिकल मिला तरल पदार्थ देखता है और हाय हाय की करुण पुकार करता है। उसपर भी कसाइयों द्वारा अभी जिन्दा गौवंश की खाल उतारी जाती है। तो वह सबसे पहले उसके पूजने वाले को ही बद दुवा देता है, फिर जैसा दृस्य वह उन अंतिम क्षणों में आतंकित होकर देखता है। अगले जन्म में वही क्रूर चेहरा लेकर पैदा होता है और फिर देश और दुनिया को ख़त्म करने की ही बात सोचता है और करता है। ज्यादातर जो लोग इस गौवंश का क़त्ल करते है उन्हीं संप्रदाय में ये गौवंश जन्म लेते है।
तब इनके लिए अपना परया कुछ नहीं होता जिस प्रकार प्रेत आत्मा अपने पराये का भेद नहीं करती अपने ही को पहले ख़त्म करती है उसी प्रकार ये आतंकी भी अपनों के लिए ही पहले गड्डा खोदते है क्योकि ये पूर्व जन्म का बदला लेते है। ''नयाल सनातनी'' राष्ट्रिय अध्यक्ष ;-- ''सर्वदलीय गौरक्षा मंच''
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