Friday, September 19, 2014

सनातनी विचार !
जो काम रुमाल से निपट सकता है, उसके लिए रिवाल्वर मत चलाइये। गुस्सा तो कमजोरी का वाहक है,गुस्सा तभ भी ना करें जब आपकी निस्वार्थ प्रेम और शांति की बातों को सामने वाला आपकी कमजोरी समझ बैठा हो। जबकि कमजोर सदा रिबाल्वर वाला होता है उसे अपने पर भरोषा कम गोली पर ज्यादा होता है। आपके लाख समझनें पर भी अगर आपको सामने वाला स्वार्थ बस नहीं समझ रहा है,तो आप अपना रास्ता बदल दो। ना की सामने वाले को समझाने में समय बर्बाद करें।  ''नयाल सनातनी''

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