शारदीय नवरात्र 2014 की ''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार'' की और से सभी ''माता रानी'' के भक्तों को कोटि -कोटि शुभ कामनायें ----
वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम् ।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ॥
वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम् ।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ॥
ॐ शैलपुत्रीं देवी रक्षा करो।
ॐ जगजननि देवी रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः |
मां दुर्गा को सर्वप्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता है। हिमालय के वहां पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उनका नामकरण हुआ शैलपुत्री।
इनका वाहन वृषभ ( बैल ) है, इसलिए यह देवी वृषारूढ़ा के नाम से भी जानी जाती हैं।यही माँ अन्नपूर्णा के रूप में काशी में भगवान शिव को भी अन्ना की भिक्षा देती है। और यही जगत का भरण पोषण के लिए श्रष्टि संचालन के लिए ''बैल'' से हल चलकर खेती कर अन्न धन के भंडार भरने की सीख देती हुई मानव मात्र को सन्देश दे रही है। अब भी मानव नहीं समझा तो यह उसकी बुद्दी की हीनता है। …
''नयाल सनातनी'' अध्यक्ष ;-सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार
ॐ जगजननि देवी रक्षा करो |
ॐ नव दुर्गा नमः |
ॐ जगजननी नमः |
मां दुर्गा को सर्वप्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता है। हिमालय के वहां पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उनका नामकरण हुआ शैलपुत्री।
इनका वाहन वृषभ ( बैल ) है, इसलिए यह देवी वृषारूढ़ा के नाम से भी जानी जाती हैं।यही माँ अन्नपूर्णा के रूप में काशी में भगवान शिव को भी अन्ना की भिक्षा देती है। और यही जगत का भरण पोषण के लिए श्रष्टि संचालन के लिए ''बैल'' से हल चलकर खेती कर अन्न धन के भंडार भरने की सीख देती हुई मानव मात्र को सन्देश दे रही है। अब भी मानव नहीं समझा तो यह उसकी बुद्दी की हीनता है। …
''नयाल सनातनी'' अध्यक्ष ;-सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार
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