Monday, September 29, 2014

सनातनी विचार !
प्रधान मंत्री महोदय को एक विनम्र निवेदन -----
P M महोदय आज देश की साधारण गौभक्त जनता भी यह जान चुकी है, कि भारत की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है और मवेशी (गोवंश) कृषि की रीढ़ है, पर केंद्र सरकार गोवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाना चाहती !!!!!!! आखिर क्यों ?
जबकि देशी जैबिक - खाद ,गोबर खाद और बैलों द्वारा खेती, परिवहन से भारत एक समृद्ध राष्ट्र था और आगे भी हो सकता है। आज पेट्रोल का आयात/ उर्वरक का आयात- सब्सिडी का झमेला' क्या यही समृद्धि है???
कीटनाशकों और उर्वरक से फसलें ज़हरीली और भूमि बंजर हो रही है किसान ट्रैक्टर , फर्टिलाइज़र, जेनेटिक बीज के लिए कर्ज़ लेता है और आत्महत्या का आखरी रास्ता चुन लेता है ।
क्या खेती की दशा और दिशा ऐसी ही रहेगी ? क्या सरकार प्राचीन पद्धतियों को नष्ट नही कर रही है ?
विश्व में प्राचीनतम संस्कृति और ज्ञान का केन्द्र रहा है भारत इस अर्थ में कह सकते हैं कि भारत का दुनिया में एक विशिष्ट स्थान है। ऐसे भारत की आत्मा है. ग्राम, ग्राम का आधार है किसान, किसान का आधार है कृषि, कृषि का आधार है गोवंश और हमारी सरकारे नीव में बम रखने जैसी स्थिति को जन्म देते हुए नित नये - नये कत्लखानो को खोलने में सब्सीडी देकर गौ-हत्या को बढ़ावा नहीं दे रही है.
जरा गंभीरता से विचार कीजिये P M महोदय !
''सनातन धर्म'' जो सदा था सदा रहेगा जिसमे भगवान भी अवतार लेते है इसके अनुसार 33 करोड़ देवी - देवताओ के चलते-फिरते विगृह (गौवंश )को किस तरह नष्ट किया जा रहा है, इसे देख कर ''शैतान'' का भी मन पसीज जाये पर भारत सरकार का क्यों नहीं यह प्रश्न ह्रदय में ठोकर मरता है दिन में कई बार मेरा ???????
''नयाल सनातनी'' ;-सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार

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