सनातनी विचार !
जो महर्षि मनु की संतान मानव दुसरो मनुष्य से जीतनी घृणा करता है। समझ लो की वह महर्षि मनु के इष्ट ईश्वर कृपा से उतनी ही दूर है।
मानव से घृणा नहीं जाति या सम्प्रदाय से घृणा नहीं ! बल्किन मनुष्य की दुष्कृत्यो से घृणा करो जो मानव जाति के अहित में है। ''नयाल सनातनी''
जो महर्षि मनु की संतान मानव दुसरो मनुष्य से जीतनी घृणा करता है। समझ लो की वह महर्षि मनु के इष्ट ईश्वर कृपा से उतनी ही दूर है।
मानव से घृणा नहीं जाति या सम्प्रदाय से घृणा नहीं ! बल्किन मनुष्य की दुष्कृत्यो से घृणा करो जो मानव जाति के अहित में है। ''नयाल सनातनी''
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