सनातनी विचार ! अति पावन ''शिव-रात्रि'' की कोटि-कोटि शुभ कामना विश्व-जनमानस को ---
भगवान शंकर एवं भारतीय देशी गौमाता के गुणोँ में हमें तनिक भी अन्तर नहीं दिखता। जहाँ भगवन शंकर देवताओं के हित में हलाहल विष पीकर स्वार्थी देवताओं के लिए अमृत छोड़ देते है। उसी प्रकार हमारी देशी प्रजाति की गौमातायें भी मानव-प्रदत्त कूड़ा-कर्कट,जहर युक्त पोलथिन,प्रदूषित जल, रासायनिक जहरीला घास खाकर भी अमृत स्वरुप दूध स्वार्थी मानव को सदा परोषती आयी है।
यह इसलिए भी ''कैलाश वाले भोले बाबा'' का परिवार सदा दोनों हाथो से लूटाता रहा है। ( इसलिए इनको संसार देवता यानि देने वाला कहता है ) ये जो भारतीय गौमाता है यही माता जगदम्बा है। इनका स्वाभाव ही है देना। इस माता ने अपने ही पुत्र को संसार के स्वामी शिव एवं संसार भर के मानव जाती के हित में भार उठाने वाला बना दिया ''नन्दी बैल महाराज'' को इससे बड़ा त्याग क्या होगा एक माँ का हम स्वार्थी मानव न समझे थे न समझंगे ?
गौ-भक्त मित्रों जब आप कामधेनु की तस्वीर देखते हो उसमे अनेक देवी-देवता का निवास दिखता है। किसी का पीठ पर, तो किसी का मुख पर, किसी का पूछ पर, गोबर-गोमूत्र में भी देवता बसते है। इसप्रकार 33 कोटि देवी-देवता दिखायें गए है। पर इस कामधेनु गौ में भगवती जगदम्बा की तस्वीर कही नहीं होगी क्योकि ''भगवती जगदम्बा'' शिव भार्या शिवा-पार्वती जी ने ही कालन्तर में अपना एक रूप जगत कल्याण हेतु स्वयंग गौमाता का रखा था देव भूमि उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ बागेश्वर धाम में । जय देव भूमि,जय गजद कल्याणी गौ-स्वरूपा शिवा, जय जगदाधार कल्याण कारक शिव-शंकर नमन, आपको एवं आपके परिवार को,आपके पवित्र धाम को भी हम सब भक्तों का नमन ।
''नयाल सनातनी''
भगवान शंकर एवं भारतीय देशी गौमाता के गुणोँ में हमें तनिक भी अन्तर नहीं दिखता। जहाँ भगवन शंकर देवताओं के हित में हलाहल विष पीकर स्वार्थी देवताओं के लिए अमृत छोड़ देते है। उसी प्रकार हमारी देशी प्रजाति की गौमातायें भी मानव-प्रदत्त कूड़ा-कर्कट,जहर युक्त पोलथिन,प्रदूषित जल, रासायनिक जहरीला घास खाकर भी अमृत स्वरुप दूध स्वार्थी मानव को सदा परोषती आयी है।
यह इसलिए भी ''कैलाश वाले भोले बाबा'' का परिवार सदा दोनों हाथो से लूटाता रहा है। ( इसलिए इनको संसार देवता यानि देने वाला कहता है ) ये जो भारतीय गौमाता है यही माता जगदम्बा है। इनका स्वाभाव ही है देना। इस माता ने अपने ही पुत्र को संसार के स्वामी शिव एवं संसार भर के मानव जाती के हित में भार उठाने वाला बना दिया ''नन्दी बैल महाराज'' को इससे बड़ा त्याग क्या होगा एक माँ का हम स्वार्थी मानव न समझे थे न समझंगे ?
गौ-भक्त मित्रों जब आप कामधेनु की तस्वीर देखते हो उसमे अनेक देवी-देवता का निवास दिखता है। किसी का पीठ पर, तो किसी का मुख पर, किसी का पूछ पर, गोबर-गोमूत्र में भी देवता बसते है। इसप्रकार 33 कोटि देवी-देवता दिखायें गए है। पर इस कामधेनु गौ में भगवती जगदम्बा की तस्वीर कही नहीं होगी क्योकि ''भगवती जगदम्बा'' शिव भार्या शिवा-पार्वती जी ने ही कालन्तर में अपना एक रूप जगत कल्याण हेतु स्वयंग गौमाता का रखा था देव भूमि उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ बागेश्वर धाम में । जय देव भूमि,जय गजद कल्याणी गौ-स्वरूपा शिवा, जय जगदाधार कल्याण कारक शिव-शंकर नमन, आपको एवं आपके परिवार को,आपके पवित्र धाम को भी हम सब भक्तों का नमन ।
''नयाल सनातनी''
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