सनातनी विचार !
हमारी मर्जी से हम एक पल भी नहीं जी सकते। पर परमात्मा कृष्ण एवं उसकी प्यारी गौ की कृपा हो जाय तो निरोगी काया के साथ-साथ मोक्ष भी सुलभ है।
वह कोन है ? वह है कृष्ण , गौमाता और गौमाता का अमृत-मयी पञ्च गव्य।
''नयाल सनातनी''
हमारी मर्जी से हम एक पल भी नहीं जी सकते। पर परमात्मा कृष्ण एवं उसकी प्यारी गौ की कृपा हो जाय तो निरोगी काया के साथ-साथ मोक्ष भी सुलभ है।
वह कोन है ? वह है कृष्ण , गौमाता और गौमाता का अमृत-मयी पञ्च गव्य।
''नयाल सनातनी''
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