Thursday, February 5, 2015

सनातनी विचार !
          मुर्ख और स्वार्थी मित्रों पर, अधर्म से कमाया धन पर - देश-धर्म के काम ना आये बेकार की जवानी पर, कभी गर्व ना करों ! काल कभी भी पलक मारते इनका अपहरण करने आने ही वाला है।  इसलिए तो कह गए है ''महापुरुष''  मुर्ख मित्र से विद्द्वान दुशमन हितकारी है।                   
                                 ''नयाल सनातनी'' 

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