सनातनी विचार !
मुर्ख और स्वार्थी मित्रों पर, अधर्म से कमाया धन पर - देश-धर्म के काम ना आये बेकार की जवानी पर, कभी गर्व ना करों ! काल कभी भी पलक मारते इनका अपहरण करने आने ही वाला है। इसलिए तो कह गए है ''महापुरुष'' मुर्ख मित्र से विद्द्वान दुशमन हितकारी है।
''नयाल सनातनी''
मुर्ख और स्वार्थी मित्रों पर, अधर्म से कमाया धन पर - देश-धर्म के काम ना आये बेकार की जवानी पर, कभी गर्व ना करों ! काल कभी भी पलक मारते इनका अपहरण करने आने ही वाला है। इसलिए तो कह गए है ''महापुरुष'' मुर्ख मित्र से विद्द्वान दुशमन हितकारी है।
''नयाल सनातनी''
No comments:
Post a Comment