सनातनी विचार !
रेगिस्तान के प्यासे की तरह तृष्णा कभी हरि कृपा बिना मिटती नहीं । चेहरा पर झुर्रियां पड़ गई हो , सर के बाल सफ़ेद हो गये और सारे अंग-अंग ढीले पड़ गये हो परन्तु एक तृष्णा है जो तरुण होती जाती है। अतः तृष्णा को रोकने का एकमात्र उपाय ही हरि नाम संक्रितन है औरगौसेवा ....
''नयाल सनातनी''
रेगिस्तान के प्यासे की तरह तृष्णा कभी हरि कृपा बिना मिटती नहीं । चेहरा पर झुर्रियां पड़ गई हो , सर के बाल सफ़ेद हो गये और सारे अंग-अंग ढीले पड़ गये हो परन्तु एक तृष्णा है जो तरुण होती जाती है। अतः तृष्णा को रोकने का एकमात्र उपाय ही हरि नाम संक्रितन है औरगौसेवा ....
''नयाल सनातनी''
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