सनातनी विचार !
यह कलिकाल कठिन उरगारी। पाप परायन सब नर नारी।।
गौ-कृपाकांक्षि मित्रो ! वैसे तो यह कल्युग बहुत ही कठिन है, यहाँ बिना स्वार्थ के कोई बीच रोड में पड़ा पत्थर भी नहीं हटाता,अपने माता-पिता को भी बिना स्वार्थ के रोटी नहीं देता, अपने बच्चो का पालन भी स्वार्थ बस ही करता है। अगर ऐसे कठिन समय में महाभयंकर कलयुग में जब चारो और गौहत्या जैसा जघन्य पाप हो रहा है। उस समय कुछ लोग स्वार्थ ही बस सही गौ-माता जो मूल प्रकृति है के लिए अपना समय दे रहे है। और बार - बार गौ की महिमा अथवा व्यथा लिख कर पोस्ट कर रहे है। तो हम समझते है वे इस समय के स्वार्थी लोगो में कुछ अधिक अच्छा काम कर रहे है। उनका स्वार्थ परमार्थ की ओर ले जाने वाला है। इस समय लोगो को अपनो के बारे में सोचने का समय नहीं चारों तरफ भागम-भाग है, ऐसे में अगर कोई गौशालाओं में सेवा दे रहा है, वहां पर फोटो खींचा कर फेस-बुक, सोसियल मीडियां आदि में डाल रहा है। तो उसने समझो कितना समय दिया वह गौशाला या गाय के पास गया तो उसके मन में कुछ विचार परिवर्तन तो आएगा ही आज नहीं तो कल वह गौमाता के पास जाते - जाते गौमाता का असली सेवक हो ही जायेगा थोड़ा धीरज हमें रखना चाहिए । ऐसे लोगो को हतोत्साहित न करो भाइयों क्योकि उनको देखा देखि एक दिन दूसरा भी गौशाला जायेगा या गाय घर पर पालेगा तो उस दिन उसका पुण्य जरूर मिल जायेगा आपको भी । ध्यान रहे घर बैठे किसी की निंदा कर हम देश की तरक्की में कोई योगदान नहीं दे रहे हां किसी को प्रोत्साहित कर जरूर श्रजन की ओर देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे है। हमेशा पॉजिटिव सोच ही मंजिल तक पहुँचती है।
धन्यबाद जय गौमाता की मित्रों ---
''नयाल सनातनी'' ;- सर्वदलीय गौरक्षा मंच
यह कलिकाल कठिन उरगारी। पाप परायन सब नर नारी।।
गौ-कृपाकांक्षि मित्रो ! वैसे तो यह कल्युग बहुत ही कठिन है, यहाँ बिना स्वार्थ के कोई बीच रोड में पड़ा पत्थर भी नहीं हटाता,अपने माता-पिता को भी बिना स्वार्थ के रोटी नहीं देता, अपने बच्चो का पालन भी स्वार्थ बस ही करता है। अगर ऐसे कठिन समय में महाभयंकर कलयुग में जब चारो और गौहत्या जैसा जघन्य पाप हो रहा है। उस समय कुछ लोग स्वार्थ ही बस सही गौ-माता जो मूल प्रकृति है के लिए अपना समय दे रहे है। और बार - बार गौ की महिमा अथवा व्यथा लिख कर पोस्ट कर रहे है। तो हम समझते है वे इस समय के स्वार्थी लोगो में कुछ अधिक अच्छा काम कर रहे है। उनका स्वार्थ परमार्थ की ओर ले जाने वाला है। इस समय लोगो को अपनो के बारे में सोचने का समय नहीं चारों तरफ भागम-भाग है, ऐसे में अगर कोई गौशालाओं में सेवा दे रहा है, वहां पर फोटो खींचा कर फेस-बुक, सोसियल मीडियां आदि में डाल रहा है। तो उसने समझो कितना समय दिया वह गौशाला या गाय के पास गया तो उसके मन में कुछ विचार परिवर्तन तो आएगा ही आज नहीं तो कल वह गौमाता के पास जाते - जाते गौमाता का असली सेवक हो ही जायेगा थोड़ा धीरज हमें रखना चाहिए । ऐसे लोगो को हतोत्साहित न करो भाइयों क्योकि उनको देखा देखि एक दिन दूसरा भी गौशाला जायेगा या गाय घर पर पालेगा तो उस दिन उसका पुण्य जरूर मिल जायेगा आपको भी । ध्यान रहे घर बैठे किसी की निंदा कर हम देश की तरक्की में कोई योगदान नहीं दे रहे हां किसी को प्रोत्साहित कर जरूर श्रजन की ओर देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे है। हमेशा पॉजिटिव सोच ही मंजिल तक पहुँचती है।
धन्यबाद जय गौमाता की मित्रों ---
''नयाल सनातनी'' ;- सर्वदलीय गौरक्षा मंच
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