सनातनी विचार !
सच्चा सन्यासी और सच्चा भगवान का भक्त नारी-मात्र को चाहे वह सति हो अथवा असति जगदम्बा के ही रूप में देखता है। इसीलिए भगवान के सबसे निकट माना गया है सन्यासी और भगवत भक्तों को। इसीलिए संसार का विश्वास भी प्राप्त इस भेष को सदा रहा है।
''नयाल सनातनी''
सच्चा सन्यासी और सच्चा भगवान का भक्त नारी-मात्र को चाहे वह सति हो अथवा असति जगदम्बा के ही रूप में देखता है। इसीलिए भगवान के सबसे निकट माना गया है सन्यासी और भगवत भक्तों को। इसीलिए संसार का विश्वास भी प्राप्त इस भेष को सदा रहा है।
''नयाल सनातनी''
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