सनातनी विचार !
मानव जीवन में ही परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है ! ईश्वर कृपा से मानव को विवेक की प्राप्ति है। और विवेक ही परमात्मा के द्वार तक ले जाने वाली चेतना शक्ति है। और विवेकी अहंकारी नहीं समर्पित होता है। जो फूल की तरह समर्पित हो गया वह भगवान को स्वीकार हो गया।
''नयाल सनातनी''
मानव जीवन में ही परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है ! ईश्वर कृपा से मानव को विवेक की प्राप्ति है। और विवेक ही परमात्मा के द्वार तक ले जाने वाली चेतना शक्ति है। और विवेकी अहंकारी नहीं समर्पित होता है। जो फूल की तरह समर्पित हो गया वह भगवान को स्वीकार हो गया।
''नयाल सनातनी''
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