Monday, December 29, 2014

सनातनी विचार !
  तुम्हारे ह्रदय के मंदिर में बैठा सच्चा मन ही बता सकता है की तुम अच्छा और पवित्र कार्य में रत हो। जब मन-आत्मा गवाही दे रहा है तो दुनिया लाख खुदगर्ज, मतलब-परस्त होने का दोषारोपण करें तो परवाह ना करो।  अच्चा और सच्चा कार्य करते रहों। क्योकि सच्चा मन-आत्मा ही परमात्मा है।और परमात्मा कभी गलत राह नहीं दिखातें। 
                                ''नयाल सनातनी'' 

No comments:

Post a Comment