सनातनी विचार !
हम सब मानव जाती नित्य अपनी मर्यादाओं का उलंघन करते रहते है। सोचा है एक भी दिन अगर भगवान सूर्य नारयण ने अपनी मर्यादा का थोडा भी उलंघन किया ( अपने स्थान से थोडा निचे खिसके से ) तो पूरा विश्व जल कर ख़ाक हो जायेगा। सावधन मर्यादाओं का उलंघन मानव जाति को पतन की ओर ले जा रहा है। और मर्यादा में रहने वाला मर्यादा-पुरुषोत्तम श्री राम की तरह पूजनीय- बंदनीय बना रहता है युगो-युगों तक ।
''नयाल सनातनी''
हम सब मानव जाती नित्य अपनी मर्यादाओं का उलंघन करते रहते है। सोचा है एक भी दिन अगर भगवान सूर्य नारयण ने अपनी मर्यादा का थोडा भी उलंघन किया ( अपने स्थान से थोडा निचे खिसके से ) तो पूरा विश्व जल कर ख़ाक हो जायेगा। सावधन मर्यादाओं का उलंघन मानव जाति को पतन की ओर ले जा रहा है। और मर्यादा में रहने वाला मर्यादा-पुरुषोत्तम श्री राम की तरह पूजनीय- बंदनीय बना रहता है युगो-युगों तक ।
''नयाल सनातनी''
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