सनातनी विचार !
जो महर्षि मनु की सन्तान मनुष्य ( मानव ) अपनी सारी जिन्दगी ज्ञान प्राप्ति और उसके बाद ज्ञान बाटने में लगा देता है , मूल सनातन धर्म के अनुसार उसकी कभी मृत्यु नहीं होती। वह परलोक गमन के बाद भी किताबो के माध्यम से सदा जीवित बना रहता है। जैसे स्वामी करपात्री जी महाराज,भाई श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार, स्वामी विवेकानंद, स्वातंत्रत वीर सावरकर आदि
''नयाल सनातनी''
जो महर्षि मनु की सन्तान मनुष्य ( मानव ) अपनी सारी जिन्दगी ज्ञान प्राप्ति और उसके बाद ज्ञान बाटने में लगा देता है , मूल सनातन धर्म के अनुसार उसकी कभी मृत्यु नहीं होती। वह परलोक गमन के बाद भी किताबो के माध्यम से सदा जीवित बना रहता है। जैसे स्वामी करपात्री जी महाराज,भाई श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार, स्वामी विवेकानंद, स्वातंत्रत वीर सावरकर आदि
''नयाल सनातनी''
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