सनातनी विचार !
जो मनुष्य खेतों से अनाज प्राप्त करने के बाद खेतों को आग के हवाले कर देते है। वे महान पाप के भागी होते है। क्योकि वे अविवेकी मनुष्य लाखों जीव-जंतुओं के हत्या एवं भोजन-निवाला छिनने के कारक बनते है खेतों और जंगलों में आग लगाने के कारण लाखों पशु-पक्षी अपना हक़ से बंचित हो जाते है।
''नयाल सनातनी''
जो मनुष्य खेतों से अनाज प्राप्त करने के बाद खेतों को आग के हवाले कर देते है। वे महान पाप के भागी होते है। क्योकि वे अविवेकी मनुष्य लाखों जीव-जंतुओं के हत्या एवं भोजन-निवाला छिनने के कारक बनते है खेतों और जंगलों में आग लगाने के कारण लाखों पशु-पक्षी अपना हक़ से बंचित हो जाते है।
''नयाल सनातनी''
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