Monday, December 29, 2014

सनातनी विचार !
व्यक्ति चाहे पूरा गेरुवे रंग में रंग जाये, वैराग्य अपना ले, तांत्रिक कालनेमि की तरह काले कपड़ो के साथ तंत्र-मन्त्र की अनेको अंगूठी पहन ले,चाहे जितना कर्म-कांड करें ,दिन-रात भक्ति में डूबा रहे, तो भी अगर ईर्ष्या, अहंकार- अहंभाव, ममत्व को नहीं छोड़ता तब तक उसे ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती ना ही सत मार्ग पर ले जाने वाले ज्ञानी गुरु के दर्शन होंगे।
                       ''नयाल सनातनी''  

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