Friday, December 26, 2014

सनातनी विचार !
कभी-कभी आपके द्वारा तेजी से किये जा रहे सत-कर्म की राह में अचानक वे लोग विघ्न पैदा कर देते है, जिनको आप वर्तमान में जानते तक नहीं ! पर यह ना समझो की वे किसी के द्वारा भेजे गए विघ्नकारक दूत है, ये तो आपके पूर्व के अज्ञानता में किये गए दुष्कर्म है।  जो अब आपको सतमार्ग की राह में सावधान करने फिर सामने खड़े है। और आगे के लिए आपको निष्पाप बनाने आये है। यह जानियें ये आपके हितचिंतक ही है। 
    ''नयाल सनातनी''

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