Monday, October 17, 2016

सनातनी विचार !
लाखों की भीड़ इक्कठा कर ढोल- तासे बजाने से भालू नहीं पकडे जाते ! भालू पकड़ने के लिए चंद कुशल मदारी काफी होता है ।
वैसे ही साल भर उदासीन रहकर एक दिन लाखों की भीड़ इकठ्ठा कर गौरक्षा के नारे लगाने से गौवंश की रक्षा कदापि नहीं हो सकती । गौ रक्षा-गौसेवा तो वे 80%गुंडे ही करते थे । और करते रहेंगे ! जो आपके चाल-छल से वाकिफ न थे । इसलिए गौ प्रेम मे जेल चले गए , कुछ आपकी गन्दी चाल में बदनाम हो गए और कुछ हँसते हँसते जान दे गए । आप तो सरकारी खर्चे से जब भी जाम पिए आज भी और कल भी मैदान ही मारोगे । ऊपर वाले को न जाने आप अपना यह दागदार चेहरा कैसे दिखाएंगे ? ये आप जानो ये आप जानो उसके यहाँ सबका न्याय होता है यह बात का ध्यान रख कर चाल चलिए हुजूर ।
।। सत्ता विष भी और अमृत भी होती है ।।
"नयाल सनातनी" :-- सर्वदलीय गौरक्षा मंच

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