सनातनी विचार !
थोड़ी सी भागवत बड़ा सा ज्ञान ।
श्रीमद भागवत कथा में कई विद्द्वान भागवताचार्य के मुख से आता है कि सुदामा गरीब ब्राह्मण थे !
भक्त को लगता है कि भगवान के अनन्य भक्त सुदामा से बड़ा अमीर संसार में कोई नहीं था । जिनके चरण धोने स्वयंग त्रिलोकी के नाथ राजाधिराज श्री कृष्ण चंद्र लालयत थे अपने अमृत तुल्य आशुओं से ही जिनके पाँव धो डालें वह ब्राह्मण गरीब कैसा !
गरीब तो कंस- जरासंघ आदि लक्ष्मी पुत्र राजा लोग थे जिनके अधर्मी प्राणों के प्यासे स्वयंग भगवान थे ।
"नयाल सनातनी"
थोड़ी सी भागवत बड़ा सा ज्ञान ।
श्रीमद भागवत कथा में कई विद्द्वान भागवताचार्य के मुख से आता है कि सुदामा गरीब ब्राह्मण थे !
भक्त को लगता है कि भगवान के अनन्य भक्त सुदामा से बड़ा अमीर संसार में कोई नहीं था । जिनके चरण धोने स्वयंग त्रिलोकी के नाथ राजाधिराज श्री कृष्ण चंद्र लालयत थे अपने अमृत तुल्य आशुओं से ही जिनके पाँव धो डालें वह ब्राह्मण गरीब कैसा !
गरीब तो कंस- जरासंघ आदि लक्ष्मी पुत्र राजा लोग थे जिनके अधर्मी प्राणों के प्यासे स्वयंग भगवान थे ।
"नयाल सनातनी"
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