Monday, October 17, 2016

सनातनी विचार !
अपनों से दूर रहकर बड़ा बनने और अधिक कमाने की चाह में कभी जिंदगी के असली मजे न लुटा देना ! ईश्वर एकबार ही तो मानव जीवन देता है । कम खाके-गम खाके भी जीवो के दुःख बांटने में जो आनंद है वह स्वर्ण की थाली में परोशे 56 भोगो वाले भोजन से लाख गुणा बेहतर है । अरबो कमा लो पर जाएगा साथ कुछ नहीं क्योकि कफ़न में जेब नहीं होती !
मालूम है अधिक पैसे वाली जयललिता कभी नहीं सोती !
इसलिये उनकी बीमारी की चर्चा भी टीवी आजतक पर होती !😢
"नयाल सनातनी"

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