Monday, October 17, 2016

हा हा हा आज विजयादशमी पर अनेकों अहंकारी और बलात्कारी आम और खास और बड़े -बडे नेता- अभिनेता भी किस अहंकारी रावण का वध करने ( जलाने निकले )है आज ! !
क्या रावण धन के अहंकार रूप-रंग, बल और महिलाओं के मान-मर्दन का प्रतीक भी नही था !
अगर हां तो आज भी प्रति दिन हजारों बहन-बेटियों का मान - मर्दन की आये-दिन खबर टीवी-अख़बार में आती ही नहीं रहती है ? क्या उनको पहले अपने अहंकार का पुतला नहीं फूंकना चाहिए । ? रावण का अहंकार ने तो सिर्फ सीता जी का अपहरण किया था ! जबकि आधुनिक रावण तो बलात्कार कर एसिड से तक बहन-बेटियों को जला देता है ।
आज भी कल भी और कल भी मानव को अपने अंदर के अहंकार रुपी रावण को जलाने की जरूरत है !राम के द्वारा मारा गया हजारों वर्ष पूर्व लंका पति रावण के पुतले को जलाने की कतई जरूरत नहीं !
मेरा मानना है रावण के पुतले को जलाकर हम ब्रह्म ज्ञानी रावण का अपमान ही करते है ।
जबकि अज्ञान रुपी आतंकवाद का पुतला फूंकना चाहिए !
मैं आज अपने अंदर के पहाड़ जैसे अहंकार को जला कर अपने सभी इष्ट-मित्रो और साथियों को अपने द्वारा जाने -अनजाने में हुए दुर्व्यवहार के लिए हाथ जोड़कर माफ़ी मांगता हूँ ।
"नयाल सनातनी" गौ चरणों का दास, रामराज्य वादी चिंतक-विचारक ।

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