बलिदानी संतों एवं स्वामी करपात्री महाराज के नेतृक्त में हुए 1966 के गौ-रक्षा आंदोलन के वे 8 दिन !
1 नवम्बर से 8 नवम्बर 1916 तक फिर उसी तरह दुहराये जायेंगे दिल्ली जन्तर- मंतर पर तब 7 नवम्बर 1966 को गोपाष्ठामि थी अब 50 वर्ष बाद इस बार 8 नवम्बर 2016 को गोपाष्ठामि है ।
8 नवम्बर 1966 को तत्कालीन सरकार ने स्वामी करपात्री जी महाराज को जेल में डाल कर लोहे के राडो से पिटवाया,उनका सर फोड़ दिया था जिससे उनकी आँखों की रौशनी जाती रही । बाद में उस महान तपस्वी स्वामी करपात्री महाराज ने काशी में तप-योग और ''सूर्य चाक्षुषी विध्या'' के बल पर फिर से अपने आँखों की रौशनी पाई और अनेक ग्रंथो की रचना की ।
इसलिए स्वामी करपात्री जी और उनके साथी हजारों संतों के उन ऐतिहासिक 8 महान ''गौ-क्रांति'' के दिनों को उसी तरह तप करके, सुरभि महा मन्त्र और गोपाल मन्त्र का जप करके हम सभी गौ-प्रेमी दिल्ली जन्तर-मन्तर पर ही मनाएंगे ।
1 नवम्बर से 8 नवम्बर 1916 तक फिर उसी तरह दुहराये जायेंगे दिल्ली जन्तर- मंतर पर तब 7 नवम्बर 1966 को गोपाष्ठामि थी अब 50 वर्ष बाद इस बार 8 नवम्बर 2016 को गोपाष्ठामि है ।
8 नवम्बर 1966 को तत्कालीन सरकार ने स्वामी करपात्री जी महाराज को जेल में डाल कर लोहे के राडो से पिटवाया,उनका सर फोड़ दिया था जिससे उनकी आँखों की रौशनी जाती रही । बाद में उस महान तपस्वी स्वामी करपात्री महाराज ने काशी में तप-योग और ''सूर्य चाक्षुषी विध्या'' के बल पर फिर से अपने आँखों की रौशनी पाई और अनेक ग्रंथो की रचना की ।
इसलिए स्वामी करपात्री जी और उनके साथी हजारों संतों के उन ऐतिहासिक 8 महान ''गौ-क्रांति'' के दिनों को उसी तरह तप करके, सुरभि महा मन्त्र और गोपाल मन्त्र का जप करके हम सभी गौ-प्रेमी दिल्ली जन्तर-मन्तर पर ही मनाएंगे ।
आप सभी गौप्रेमी 1966 के बलिदानी संतों-स्वामी करपात्री जी और 10 लाख उन
गौ-भक्तो के संतान इस महायज्ञं में जरूर अपनी-अपनी जुम्मेवारी समझकर अपनी
उपस्थिति दर्ज करें ।
!! जो सहीद हुए गौ संस्कृति के लिए, उनकी याद करें क़ुरबानी !!
निवेदक --- "सर्वदलीय गौरक्षा मंच" एवं सहयोगी समस्त गौ-भक्त समाज ।
ध्यान रहे ! मैं नहीं हम सब सनातन गौ - संस्कृति के अनुयाई
!! जो सहीद हुए गौ संस्कृति के लिए, उनकी याद करें क़ुरबानी !!
निवेदक --- "सर्वदलीय गौरक्षा मंच" एवं सहयोगी समस्त गौ-भक्त समाज ।
ध्यान रहे ! मैं नहीं हम सब सनातन गौ - संस्कृति के अनुयाई
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