Friday, August 22, 2014

सनातनी विचार !
हमारे एक मित्र है जो पिछले एक साल से हर महीने गोवर्धन की परिक्रमा में लगातार जा रहे है। अब तक उनके 12 यात्रा हो चुकी है जिसे वे गाज़ियाबाद से गोवर्धन तक की यात्रा कार से करते है। साल भर की गोवर्धन यात्रा में उनका लगभग 24 हजार का खर्चा आया है।
गोवर्धन का मतलब है ! गायों का संवर्धन करना या सरल भाषा में गाय के गोबर का पहाड़ बनाना । अब गाय के गोबर का पहाड़ तो तभी बनेगा न जब गाय पालोगे !
पर कुछ लोग नासमझी में गोवर्धन पहाड़ की नंगे पाँव परिक्रमा करते है। वे श्री कृष्ण की गूढ़ बातों का अर्थ ही नहीं समझ पाये। कास ऐसे लोग गाय को सिर्फ हरा चारा ही खिला देते तो हजारो रुपये खर्च कर जो उनको प्राप्त होता है उससे कई ज्यादा गुणा पुण्य उनको भारतीय गौ की सात परिक्रमा से प्राप्त हो जाता
जो गोवर्धन की यात्रा से मिलता है। बोनस में कई गौवंश को बचाने का पुण्य अलग .
 ''नयाल सनातनी'' सर्वदलीय गौरक्षा मंच

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