सनातनी विचार !
सनातन हिन्दू धर्म में शास्त्रनुसार
5 संप्रदाय प्रायः माने गए है।
१- वैष्णव संप्रदाय,
२- शैव संप्रदाय
३ - शाक्त संप्रदाय,
४- सौर संप्रदाय,
५- गाणपत्य संप्रदाय।-
गाणपत्य संप्रदाय में छः उप संप्रदाय है। १- महागणपति संप्रदाय २- हरिद्रागणपति संप्रदाय ३- उच्छिष्टगणपति संप्रदाय,४- नवनीतगणपति संप्रदाय,
५- स्वर्ण गणपति संप्रदाय,६- संतान-गणपति संप्रदाय। गणेश की उत्पति माँ पार्वती अपने रक्षा हेतु अपने शरीर के मैल से की थी है।
कालांतर में पार्वती देवी ने गाय के रूप में महर्षि मार्कण्डेय को उत्तराखंड के बागेश्वर धाम में दर्शन दिये थे । अब इस गुड रहस्य से भी पर्दा उठा जाना चाहिए की श्री गणेश जब गाय के गोबर से जन्म लिए होंगे जब माँ पारवती गौ रूप में धरती पर विचर रही थी। इसलिए ही गोबर के गणेश बनाने की परम्परा पड़ी। और गोबर से गणेश की प्रतिमा बनाने से भगवान गणेश अति प्रसन्न होते है सभी मनोकाना पूर्ण करते है।
''नयाल सनातनी'';--''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार''
सनातन हिन्दू धर्म में शास्त्रनुसार
5 संप्रदाय प्रायः माने गए है।
१- वैष्णव संप्रदाय,
२- शैव संप्रदाय
३ - शाक्त संप्रदाय,
४- सौर संप्रदाय,
५- गाणपत्य संप्रदाय।-
गाणपत्य संप्रदाय में छः उप संप्रदाय है। १- महागणपति संप्रदाय २- हरिद्रागणपति संप्रदाय ३- उच्छिष्टगणपति संप्रदाय,४- नवनीतगणपति संप्रदाय,
५- स्वर्ण गणपति संप्रदाय,६- संतान-गणपति संप्रदाय। गणेश की उत्पति माँ पार्वती अपने रक्षा हेतु अपने शरीर के मैल से की थी है।
कालांतर में पार्वती देवी ने गाय के रूप में महर्षि मार्कण्डेय को उत्तराखंड के बागेश्वर धाम में दर्शन दिये थे । अब इस गुड रहस्य से भी पर्दा उठा जाना चाहिए की श्री गणेश जब गाय के गोबर से जन्म लिए होंगे जब माँ पारवती गौ रूप में धरती पर विचर रही थी। इसलिए ही गोबर के गणेश बनाने की परम्परा पड़ी। और गोबर से गणेश की प्रतिमा बनाने से भगवान गणेश अति प्रसन्न होते है सभी मनोकाना पूर्ण करते है।
''नयाल सनातनी'';--''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार''
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