सनातनी विचार !
जब कोई आपके गलत कार्य का भी समर्थन कर रहा हो, तो समझो यह स्लो-पोइजन या चाटुकार है उसका कोई छुपा स्वार्थ है आपसे . मित्र भटक रहा हो उसपर भी उसको पोत्साहन सत्य आत्मा नहीं दे सकती . आपको आपकी अंतर आत्मा बता देती है की आप का मार्ग सत्य का है या असत्य का .जब सही सलाहकार या गुरु ना हो तो अपने आत्मा से ही जबाब मांगना चाहिए .आत्मा परमात्मा का ही रूप है .
जब कोई आपके गलत कार्य का भी समर्थन कर रहा हो, तो समझो यह स्लो-पोइजन या चाटुकार है उसका कोई छुपा स्वार्थ है आपसे . मित्र भटक रहा हो उसपर भी उसको पोत्साहन सत्य आत्मा नहीं दे सकती . आपको आपकी अंतर आत्मा बता देती है की आप का मार्ग सत्य का है या असत्य का .जब सही सलाहकार या गुरु ना हो तो अपने आत्मा से ही जबाब मांगना चाहिए .आत्मा परमात्मा का ही रूप है .
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