Saturday, August 16, 2014

सनातनी विचार ! 
एक शहर की बड़े घर की बेटी एक पड़ें लिखे गावँ के गौ-भक्त किसान माँ- बाप के नवजवान बेटे से शादी कर लेती है। खूब दहेज़ साथ में आता है। और साथ में दहेज़ के साथ बहुत बड़ा अहंकार भी आ जाता है। एक दिन बहु सीधे-साधे ससुर जो बहुत धार्मिक और गौ- प्रेमी थे। उनके सामने आती है और बार-बार अपने नाख की बहुत सुन्दर और बहुत बड़ी नथ दिखाती है। जब ससुर ने ध्यान नहीं दिया तो बोल पड़ी यह मेरे पिता जी ने 1लाख 90 हजार में बनाया है। ससुर साधारण सा जबाब देते हुए बोले बेटी तुम्हारे पिता जी का धन्यबाद जरुर करना साथ ही उस परमात्मा का शुक्र भी कर लेना जिसने नाख दी अगर नाख ही नहीं होती तो इस नथ का अहंकार कैसे दिखा पाती ??? गौ-भक्त पर किसी का अहंकार टिकता नहीं, गौ कृपा से गौभक्त के साथ के लोगो का भी अहंकार भी जल्द नष्ठ हो जाता है । ''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार''

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