देश द्रोह क्या-क्या है ! लुट गया हरियाणा का गरीब !
क्या देश के खिलाफ नारे लगाना ही देश द्रोह है, देश के टुकते -टुकड़े करने के नारे ही देश द्रोह है ? या सच में देश के लोगो के ह्रदय के टुकड़े -टुकड़े कर देना देश द्रोह है। देश की 34 हजार करोड़ की सम्पति को नष्ट कर देना आग के हवाले कर देना लूट लेना भी देश द्रोह की परिधि में आता होगा ? कल हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु रुधें गले से टीवी में बोल रहे थे मेरे परिवार के 9 सदस्यों को एक कमरे में बंद करके पुरे मकान को आग के हवाले कर दिया उप्रदवियों ने।
अगर पडोसी धुवे के गुब्बार में छुप के पिछले दरवाजे से मेरे परिवार को बाहर नहीं निकालते तो 9 जीवन दम तोड़ देते ! क्या ये देश द्रोह नहीं है ? जब एक पावरफुल वित्त मंत्री की यह गति है हरियाणा में तो बाकी आम लोगो की गति सब आसानी ले अनुमान लगा सकते साधारण बुद्दी वाले लोग भी !
एक गरीब ढाबे वाली महिला कह रही है मैं विधवा हूँ मेरे दो जवान बेटियां है, मेरे ढाबे को आग लगा दिया, अब कुछ नहीं बचा मेरा परिवार आज रोड पर है ? क्या मुगलों ने भी ऐसा किया हूँगा नहीं नहीं इतने निर्दयी मुग़ल भी नहीं होंगे !
ऐसा वाक्य आज तक सुनने को नहीं मिलता जो लुटने के बाद गरीबो की सम्पति सब आग के हवाले किये हूँ। हरियाणा के लोगो का विश्वास हरियाणा के पोलिश प्रशासन पर से भी उठ गया। अपने जीवन को अब भी असुरक्षित महसूस कर रहे आम नागरिक सब कुछ बेच के हरियाणा से जाना चाहते है। किसी को अपने देश- घर-बार सब छोड़ने पर मजबूर करना क्या यह देश द्रोह नहीं ?? इंद्रा गाँधी के हत्या के बाद जो सिक्खों के साथ अत्याचार हुआ उससे भी विकराल रूप इस बार आम हरियाणा के नागरिको के साथ हुआ। इस देश में जब आज तक सिक्खों को न्याय नहीं मिला तो हरियाणा के आम नागरिको को न्याय मिलेगा यह संभव ही नहीं ?
एक टीवी चैनल वाले कह रहे थे कुरुक्षेत्र के महाभारत युद्ध में हुए नुकसान से अधिक नुकसान है यह। फर्क सिर्फ इतना है तब हर तरफ लाशों के मुंड दिख रहे थे पर अब हर तरफ घरों दुकानों मॉलो के जले हालत में सर मुंड दिख रहे है। अब क्या यह हमेशा के लिए दिलो में आई दीवार को आरक्षण मिलने के बाद भी लोग पाट पाएंगे ? भय अपने दिलो से निकल पाएंगे ये लोग भगवान इनको शक्ति देना ! क्योकि मरे हुए आदमी को दुःख नहीं होता लुटा-पिटा आदमी पल-पल बददुवा देता है जिससे लुटेरा खुशहाल परिवार भी बर्बाद हो जाता है। सावधान अब जो लुटा है उसे पचा के दिखाओं ! जिन लोगो ने इंद्रा गाँधी की हत्या के समय सिक्खों से लूट-पाट की वे सब बर्बाद है। कईयों के तो वंश उजाड़ गया कोई तिलांजलि देने वाला नहीं बचा --- अगर थोड़ी भी शर्म बची है तो दुबारा हरियाणा के लोगो के आशु पोछो ! बाकी राम भली करें। जो लोग लुट चुके रो-रो कर अपनी किसमत और भगवान को कोष रहे है ! उनके साथ पूरा देश है अगर सरकार उनको सही मुवाजा नहीं दे पाती है तो ? पुरे देश के लोगो को एक ''हरियाणा सहायता कोष'' बनान चाहिए जिससे उन आहात लोगो की कुछ मदद हो सकें।
बेहद दुखी ह्रदय से लिखा गया है एक मानवतावादी की कलम में ---
''नयाल सनातनी''
क्या देश के खिलाफ नारे लगाना ही देश द्रोह है, देश के टुकते -टुकड़े करने के नारे ही देश द्रोह है ? या सच में देश के लोगो के ह्रदय के टुकड़े -टुकड़े कर देना देश द्रोह है। देश की 34 हजार करोड़ की सम्पति को नष्ट कर देना आग के हवाले कर देना लूट लेना भी देश द्रोह की परिधि में आता होगा ? कल हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु रुधें गले से टीवी में बोल रहे थे मेरे परिवार के 9 सदस्यों को एक कमरे में बंद करके पुरे मकान को आग के हवाले कर दिया उप्रदवियों ने।
अगर पडोसी धुवे के गुब्बार में छुप के पिछले दरवाजे से मेरे परिवार को बाहर नहीं निकालते तो 9 जीवन दम तोड़ देते ! क्या ये देश द्रोह नहीं है ? जब एक पावरफुल वित्त मंत्री की यह गति है हरियाणा में तो बाकी आम लोगो की गति सब आसानी ले अनुमान लगा सकते साधारण बुद्दी वाले लोग भी !
एक गरीब ढाबे वाली महिला कह रही है मैं विधवा हूँ मेरे दो जवान बेटियां है, मेरे ढाबे को आग लगा दिया, अब कुछ नहीं बचा मेरा परिवार आज रोड पर है ? क्या मुगलों ने भी ऐसा किया हूँगा नहीं नहीं इतने निर्दयी मुग़ल भी नहीं होंगे !
ऐसा वाक्य आज तक सुनने को नहीं मिलता जो लुटने के बाद गरीबो की सम्पति सब आग के हवाले किये हूँ। हरियाणा के लोगो का विश्वास हरियाणा के पोलिश प्रशासन पर से भी उठ गया। अपने जीवन को अब भी असुरक्षित महसूस कर रहे आम नागरिक सब कुछ बेच के हरियाणा से जाना चाहते है। किसी को अपने देश- घर-बार सब छोड़ने पर मजबूर करना क्या यह देश द्रोह नहीं ?? इंद्रा गाँधी के हत्या के बाद जो सिक्खों के साथ अत्याचार हुआ उससे भी विकराल रूप इस बार आम हरियाणा के नागरिको के साथ हुआ। इस देश में जब आज तक सिक्खों को न्याय नहीं मिला तो हरियाणा के आम नागरिको को न्याय मिलेगा यह संभव ही नहीं ?
एक टीवी चैनल वाले कह रहे थे कुरुक्षेत्र के महाभारत युद्ध में हुए नुकसान से अधिक नुकसान है यह। फर्क सिर्फ इतना है तब हर तरफ लाशों के मुंड दिख रहे थे पर अब हर तरफ घरों दुकानों मॉलो के जले हालत में सर मुंड दिख रहे है। अब क्या यह हमेशा के लिए दिलो में आई दीवार को आरक्षण मिलने के बाद भी लोग पाट पाएंगे ? भय अपने दिलो से निकल पाएंगे ये लोग भगवान इनको शक्ति देना ! क्योकि मरे हुए आदमी को दुःख नहीं होता लुटा-पिटा आदमी पल-पल बददुवा देता है जिससे लुटेरा खुशहाल परिवार भी बर्बाद हो जाता है। सावधान अब जो लुटा है उसे पचा के दिखाओं ! जिन लोगो ने इंद्रा गाँधी की हत्या के समय सिक्खों से लूट-पाट की वे सब बर्बाद है। कईयों के तो वंश उजाड़ गया कोई तिलांजलि देने वाला नहीं बचा --- अगर थोड़ी भी शर्म बची है तो दुबारा हरियाणा के लोगो के आशु पोछो ! बाकी राम भली करें। जो लोग लुट चुके रो-रो कर अपनी किसमत और भगवान को कोष रहे है ! उनके साथ पूरा देश है अगर सरकार उनको सही मुवाजा नहीं दे पाती है तो ? पुरे देश के लोगो को एक ''हरियाणा सहायता कोष'' बनान चाहिए जिससे उन आहात लोगो की कुछ मदद हो सकें।
बेहद दुखी ह्रदय से लिखा गया है एक मानवतावादी की कलम में ---
''नयाल सनातनी''