Thursday, February 11, 2016

एक सनातन सत्य विचार !
एक बार पत्थरों ने श्री राम सेतु बनकर श्री राम का मान बढाया ,एक बार पत्थर के पहाड़ ने गिरिराज बन कर सम्पूर्ण वृज वासियों की रक्षा कर श्री कृष्ण का यस बढ़ाया। एक बार पत्थर के पहाड़ ने संजीवनी बूटी उगा कर श्री राम के भाई लखन लाल के प्राण बचा कर श्री हनुमान जी महाराज की मेहनत को जग में मान दिलाया। एक बार उसी विशाल पत्थर ने केदार नाथ में महान संकट के समय पौराणिक केदार नाथ के मंदिर एवं उनके भक्तों की रक्षा करके शिव भक्तों के विश्वास को अमर कर दिया।
फिर भी कुछ लोग कहते है ये ''सनातनी हिन्दू'' आखिर क्यों पत्थर को पूजते है ?? जबकि हमारे यहाँ के प्रतेक कंकण- कंकण में शंकर का वास है, जो हमारा द्रण विशवास ही नहीं अटल सनातन सत्य है। इसलिए हम आज पत्थर के ऊपर बैठकर भी उस देवादिदेव महादेव को जो पत्थर के लिंग में सदा विराजमान रहते है, जो इतने भोले है की उनके पत्थर के शिव लिंग पर चोरी की नियत से चड़े चोर को सदा के लिए ईतिहास में अमर कर देते है। मैं ऐसे भोले नाथ, धर्म के रक्षक, नंदी बैल की सवारी करने वाले ''शिव'' को ही याद कर अपना और जग का कल्याण की कमाना करता हूँ। इस पत्थर का आवरण लेकर , पत्थर पर बैठकर ही उनको नमन करता हूँ ।
''नयाल सनातनी'' सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार

No comments:

Post a Comment