Thursday, February 11, 2016

सत्य पथ है ! या नहीं !
जब कोई पड़ा-लिखा, अमीर या किसी सरकारी-निजी क्षेत्र में उच्च पद पर कार्यरत ब्राह्मण कुल में जन्म लिए व्यक्ति उसी ब्राह्मण कुल में ही जन्म लिए सिर्फ शास्त्रीय, वैदिक और देवपूजा, पाठ से अपने कुटम्ब का भरण-पोषण करने वाले साधारण आय वर्ग के ब्राह्मण का हक़ मारने ! अपने कार्यालय से छूटी लेकर अधिक कमाई के लालच में पंडिताई करता है। मुझे अच्छा नहीं लगता ! मैंने ऐसे ब्राह्मणों से कोई देव कार्य नहीं कराने का संकल्प लिया है। आपने ???
''नयाल सनातनी'' राष्ट्रिय अध्यक्ष :--सर्वदलीय गौरक्षा मंच

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