Thursday, February 11, 2016

सनातनी विचार !
सावधान -- सतकर्म हो या दुष्कर्म फल समय आने पर जरूर मिलता है। जिस तरह लाखों रुपये से लगाई गई फैक्ट्री सही दिशा में मेहनत न करने पर खाक हो सकती है और मेहनत करने पर करोड़पति बना देती है। वैसे ही सत-कर्म और दुष्कर्म का चक्र है। सतकर्म स्वर्ग और दुष्कर्म नर्क की राह दिखाता ही है।
''नयाल सनातनी''

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