Saturday, February 20, 2016

सनातनी विचार !
दुष्ट की संगति अर्थात कुसंगति से सावधान !
दुष्ट की संगति कीर्ति नष्ट कर देती है, कलेश उत्पन्न कराती है, अशुभ गति प्रदान करती है,मनुष्यों में उद्वेग और खिन्नता उत्पन्न कराती है। बुद्दी को भ्रम में डालती है।प्रतिष्ठा का नाश कराती है। प्राण शक्ति क्षीण करा देती है। जिस प्रकार अग्नि शीतल चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है उसी प्रकार दुष्ट व्यक्ति किसी का भी अहित कर सकते है। कुसंगति सकल मंगलों को नष्ट करा देती है।
''नयाल सनातनी''

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