सनातनी विचार !
अहंकार भारत में नहीं टिक सकता क्योकि यहाँ की सनातनी शिक्षा वैदिक-पौराणिक है ..
उदाहरण --
एक डॉक्टर धर्म, कर्म को नहीं मानता था पर उसकी स्त्री बड़ी साधना शील और धर्म परायण थी। डॉक्टर रोज एक बार कहता मैं हजारों लोगों को बचा लेता हूँ, भगवान क्यों आकर नहीं बचा लेता।
उसकी स्त्री तब तो कुछ न बोली पर कुछ समय बाद जब डॉक्टर के बाल सफेद हुए,
स्त्री बोली आपके दाँत टूट गए नये दाँत, नई काली मूँछें कब तक निकलेंगी ?
डॉक्टर साहब कुछ उत्तर न दे सके-जो ज्ञान जीवन का अर्थ न समझा सके निरर्थक है। ''नयाल सनातनी''
अहंकार भारत में नहीं टिक सकता क्योकि यहाँ की सनातनी शिक्षा वैदिक-पौराणिक है ..
उदाहरण --
एक डॉक्टर धर्म, कर्म को नहीं मानता था पर उसकी स्त्री बड़ी साधना शील और धर्म परायण थी। डॉक्टर रोज एक बार कहता मैं हजारों लोगों को बचा लेता हूँ, भगवान क्यों आकर नहीं बचा लेता।
उसकी स्त्री तब तो कुछ न बोली पर कुछ समय बाद जब डॉक्टर के बाल सफेद हुए,
स्त्री बोली आपके दाँत टूट गए नये दाँत, नई काली मूँछें कब तक निकलेंगी ?
डॉक्टर साहब कुछ उत्तर न दे सके-जो ज्ञान जीवन का अर्थ न समझा सके निरर्थक है। ''नयाल सनातनी''
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