Thursday, February 11, 2016

सनातनी विचार !
संसार का कोई भी मनुष्य एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता। ताली तो दो हाथों से ही बजेगी ना !
यहाँ तक की ईश्वर ( देवताओं ) का भी कार्य एक दूसरे के बिना नहीं होता। इसलिए शिव कही राम चरणों के दास हनुमान जी तो कही परमेश्वर राम उनको रामेश्वर रूप में पूजते है।
!! मारुति बन हरि-सेवा कीन्ही। रामेश्वर बन सेवा लीन्ही॥
''नयाल सनातनी'' ;-- सर्वदलीय गौरक्षा मंच - राष्ट्रिय अध्यक्ष

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